देहरादून

उत्तराखंड कांग्रेस के पौड़ी गढ़वाल से लोकसभा प्रत्याशी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को इनकम टैक्स के आए नोटिस ने प्रदेश में सियासत को गरमाने का काम किया है । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पौड़ी गढ़वाल से प्रत्याशी गणेश गोदियाल को इनकम टैक्स के तीन नोटिस एक साथ मिले हैं जो चुनावी समय में सियासत का मुद्दा बन गए है ।
कांग्रेस के गढ़वाल सीट से प्रत्याशी गणेश गोदियाल को इनकम टैक्स के नोटिस मिलने के बाद जहां कांग्रेस आरोप लगा रही है तो वहीं भाजपा की तरफ से अब सफाई देने का काम किया जा रहा है। उत्तराखंड में यूं तो चुनावी माहौल पहले से ही गर्म है लेकिन अब कांग्रेस नेता को मिले नोटिस के बाद इस सियासी माहौल में इन नोटिसों ने आग में घी डालने का काम किया है।
राजनीति के जानकार भी यही मान रहे हैं कि नोटिस मिलना आम प्रक्रिया होती है …।
लेकिन चुनावी दौर में इन नोटिस का प्रत्याशी को मिलना … सीधे तौर पर कई सवाल खड़े करता है जो सत्ताधारी दल के लिए मुसीबत बन सकते हैं। जबकि इन नोटिसों के पीछे की सच्चाई यह है ।
कि पूर्व में ही कांग्रेस नेता की तरफ से इन नोटिस का जवाब दे दिया गया था लेकिन ठीक चुनावी समय में उन्हें नोटिस मिलन बहुत कुछ बयां कर रहा है .. जो भाजपा और सरकार के लिए चिंता का विषय है जबकि विपक्षी दल को यह बड़ा चुनावी मुद्दा दे गए हैं।
कांग्रेस के गढ़वाल प्रत्याशी गणेश गोदियाल को बीते रोज इनकम टैक्स के तीन नोटिस एक साथ मिले हैं … जिसमें उन्हें और उनकी धर्मपत्नी के नाम ये नोटिस आए है।
गणेश गोदियाल का कहना है की नमांकन से ठीक पहले कांग्रेस प्रत्याशी को मिले ये नोटिस उत्तराखंड में भाजपा सरकार की सच्चाई को उजागर करने का काम कर रहे हैं की किस प्रकार से सत्ता का प्रयोग कर विपक्ष को डराने का काम हो रहा है।
उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रत्याशी को इनकम टैक्स के नोटिस मिलने पर जहां विपक्ष आग बबूला हो रहा है ।
भाजपा की तरफ से अब सफाई देने का काम किया जा रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के माने तो इनकम टैक्स का मिलन कोई गलत बात नहीं है ।
और वैसे भी इनकम टैक्स वहीं पर अपने नोटिस देने का काम करता है ।जहां पर उन्हें कुछ शंका होती है ऐसे में अगर कांग्रेस पाक साफ है और कांग्रेस के प्रत्याशी सही है तो फिर उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।
