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पंचायत चुनाव में युवाओं ने दिखाया अपना दम कहीं 21 साल तो कहीं 22 साल के युवा बने ग्राम प्रधान चुनाव

उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत  चुनाव मे  चमोली में सारकोट गांव से 21 साल की प्रियंका सबसे कम उम्र की प्रधान बनी, जबकि पिथौरागढ़ में 22 साल की ईशा भी कम उम्र की  ग्राम प्रधान चुनी गई  चमोली में भी जब बराबर मत मिलने के बाद हार जीत का फैसला टॉस से हुआ। यहां 23 साल के युवा ने बाजी जीती

आपको बता दे की चमोली जिले के दसोली ब्लॉक के बणद्वारा ग्राम प्रधान पद को लेकर दिलचस्प नजारा देखने को मिला  23 साल के युवा नितिन नेगी ने बाजी मारी। दरअसल प्रधान पद के प्रत्याशी नितिन नेगी और रविंद्र के बीच कड़ी टक्कर रही। आखिरी चरण के वोटों की गिनती तक दोनों उम्मीदवारों को बराबर-बराबर 138-138 वोट मिले। जिसके बाद नतीजा बराबर में आकर रुक गया। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग के अधिनियम के तहत दोनों प्रत्याशियों के बीच निर्वाचन अधिकारी द्वारा टॉस उछालकर फैसला लिया गया, जिसमें 23 साल के नितिन नेगी ने ग्राम प्रधान पद हासिल कर जीत दर्ज की।

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वहीं चमोली में प्रियंका नेगी सबसे कम उम्र की ग्राम प्रधान बनीं।

महज 21 साल की उम्र में गांव की जिम्मेदारी संभालेंगी।

गैरसैंण विकासखंड के आदर्श ग्राम सारकोट की प्रियंका नेगी ने राजनीति शास्त्र से ग्रेजुएशन किया है।

उनके, पिता राजेंद्र नेगी इससे पहले 2 बार ग्राम सभा सारकोट के प्रधान रह चुके हैं।

सारकोट गांव को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोद लिया हुआ है।

मुनस्यारी में  ईशा। उम्र  22 साल, ,पिथौरागढ़ जिले के इस छोटे से गांव की ईशा अब सबसे कम उम्र की ग्राम प्रधान बन गई हैं। पंचायत चुनाव में ईशा को 96 वोट मिले जबकि उनकी प्रतिद्वंदी को 76 वोट ही मिल सके।

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