देहरादून
कांग्रेस की चार्जशीट कमेटी का धामी सरकार पर सीधा हमला – 225 एकड़ जमीन 37 लाख में, 244 करोड़ की सरकारी जमीन का ‘गुप्त सौदा
उत्तराखंड में जमीन घोटालों को लेकर कांग्रेस अब सिर्फ आरोप नहीं, बल्कि दस्तावेजों के साथ सरकार को घेरने की तैयारी में है
कांग्रेस की चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने देहरादून में प्रेस वार्ता कर धामी सरकार पर तीन बड़े आरोप लगाए और इसे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से खिलवाड़ बताय
*1. 12.50 एकड़ का कानून तोड़ा*
*2. सिक्का ग्रुप को हॉस्पिटल की जमीन*
*3. 225 एकड़ इंडस्ट्रियल लैंड का घोटाला*
करन माहरा का पहला आरोप है – कानून के साथ धोखा। उत्तराखंड में साफ कानून है कि अगर सरकार को 12.50 एकड़ से ज्यादा सरकारी संपत्ति बेचनी है या लीज पर देनी है, तो कैबिनेट में प्रस्ताव लाना होगा और कैबिनेट की मंजूरी लेनी होगी।
लेकिन माहरा का आरोप है कि कैबिनेट ने UII-DB (उत्तराखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड) को अतिरिक्त पावर दे दी और कहा कि आप जो चाहे कर सकते हैं। इसके बाद एक साल तक गुप्त अभियान चलाकर जमीनों का आवंटन कर दिया गया।
बड़ा आरोप सिक्का ग्रुप और हेल्थ डिपार्टमेंट की जमीन को लेकर है। माहरा ने कहा कि हॉस्पिटल के लिए आरक्षित जमीन को फ्लैट्स बना कर बेचने के लिए दे दिया गया, जो बहुत बड़ा घोटाला है। और तीसरा, सबसे बड़ा आरोप है 225 एकड़ इंडस्ट्रियल लैंड को लेकर। करन माहरा ने कहा कि ये जमीन बेरोजगार युवाओं के लिए रिजर्व थी, ताकि वो यहाँ इंडस्ट्री लगा सकें, रोजगार पैदा हो।
इस जमीन की सरकारी कीमत खुद 244 करोड़ रुपये से ज्यादा है और मार्केट वैल्यू के हिसाब से यहाँ एक एकड़ की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये है। लेकिन इस पूरी जमीन को सिर्फ 37 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दे दिया गया।
तो कांग्रेस की चार्जशीट कमेटी ने साफ कर दिया है कि भाजपा के 10 साल, 50 घोटाले के थीम पर वो हर जमीन आवंटन की जांच करेगी और 2027 के चुनाव में इसे सबसे बड़ा मुद्दा बनाएगी। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वो UII-DB को दी गई एक्स्ट्रा पावर और 37 लाख में दी गई 225 एकड़ जमीन पर क्या सफाई देती है।
