उत्तरकाशी कालिंदी ट्रेक पर रेस्क्यू अभियान जारी
जनपद उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रेक स्थित वुडनकॉल क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान जारी है।
सहस्त्रधारा से SDRF की विशेषज्ञ हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम हेलीकॉप्टर के माध्यम से हर्षिल पहुंची,
अभियान के दौरान अब तक 05 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर आर्मी हेलीपैड हर्षिल पहुंचाया गया है।
क्षेत्र में रेस्क्यू एवं रेकी अभियान लगातार जारी
कब गए थे ट्रेकर
– ये सभी दल *15 से 24 सितंबर के बीच* अलग-अलग रूट पर निकले थे।
सितंबर का दूसरा पखवाड़ा कालिंदी और ऑडन कोल के लिए सबसे आखिरी सीजन होता है।
कालिंदी खाल ट्रेक गंगोत्री से बदरीनाथ को जोड़ने वाला 109 KM का दुनिया का सबसे ऊँचा ट्रेक (5,950 मीटर / 19,495 फीट)। सामान्य तौर पर इसे पूरा करने में 10-12 दिन लगते हैं। ITBP का दल भी 16 सितंबर को इसी रूट पर गया था।
हाई-एल्टीट्यूड एक्सपीडिशन नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) और निजी एजेंसियों के पर्वतारोही माउंट सुदर्शन, भागीरथी-2, जोगिन-1, शिवलिंग, सतोपंथ, श्रीकांठ चोटियों के लिए गए थे
कब और कैसे फंसे
– *26 सितंबर शाम से उत्तरकाशी में मौसम ने अचानक करवट ली। निचले इलाकों में भारी बारिश और 4,000 मीटर से ऊपर पिछले 36 घंटों में लगातार बर्फबारी हुई।
– ग्लेशियर रूट बंद हो गए, वाइट-आउट (दृश्यता शून्य) और ऑक्सीजन की कमी से दल न आगे बढ़ पाए न पीछे आ पाए।
– वन विभाग ने *27 सितंबर दोपहर सैटेलाइट फोन पर मौसम अलर्ट भेजा, तभी पता चला 136 लोग अलग-अलग बेस कैंप में फंसे हैं।
– 27 सितंबर रात 7:56 PM पर DM प्रशांत आर्य ने आपदा कंट्रोल रूम में बैठक ली, मुख्य सचिव आनंद बर्धन VC पर जुड़े।
*रूट-वार अभी कहाँ कितने हैं ?*
रूट / बेस कैंप कितने लोग ऊंचाई / कठिनाई
**कालिंदी पास बेस कैंप** **18 ट्रेकर + गाइड-पोर्टर** 5,950 मीटर, गंगोत्री-बदरीनाथ के बीच सबसे खतरनाक ग्लेशियर
**ऑडन कोल पास बेस कैंप** **29 ट्रेकर + स्टाफ** 5,400 मीटर, गंगोत्री से केदारनाथ को जोड़ता है, सबसे टेक्निकल पास
**हाई-एल्टीट्यूड चोटियां (भोजवासा-तपोवन-शिवलिंग एरिया)** **89 सदस्य** सतोपंथ, शिवलिंग बेस, भागीरथी सर्क – सभी 4,500m+
सभी से *सैटेलाइट फोन पर संपर्क* है, सभी सुरक्षित बेस कैंप में हैं। कालिंदी पर 3-4 फीट ताजी बर्फ है, सामान्य मौसम में भी वहाँ से नीचे उतरने में 3-4 दिन लगते हैं।
*रेस्क्यू कब से शुरू ?*
– *28 सितंबर सुबह 6 बजे* से हर्षिल हेलीपैड से 3 हेलीकॉप्टरों ने हवाई रेकी शुरू की है। मौसम साफ होते ही एयरलिफ्ट होगा।
– जमीनी टीम में SDRF, NDRF, ITBP, NIM एक्सपर्ट, वन विभाग, जिला पुलिस हैं। ADM मुक्ता मिश्र हर्षिल में कैंप कर रही हैं।
अभी तक कोई हताहत नहीं है, भोजवासा-चीड़बासा में फंसे 121 ट्रेकर कल ही सुरक्षित निकाल लिए गए थे।
